सेब में कौन सा अम्ल पाया जाता है
सेब में कौन सा अम्ल पाया जाता है सेब में मैलिक अम्ल पाया जाता है ।
सेब क्या है?
सेब लाल या हरे रंग का फल है, जो विटामिन से भरपूर होता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे ‘मेलस डोमेस्टिका’ (Melus domestica) कहते हैं। सेब का पेड़ लगभग 3 से 7 मीटर तक ऊंचा होता है। इसकी छाल भूरे रंग की होती है। इसके फूल गुलाबी से सफेद रंग या खून के रंग के होते हैं। इसके फल मांसल और लगभग गोलाकार होते हैं। कच्ची अवस्था में सेब हरे रंग का, तथा स्वाद में खट्टा होता है। पक जाने पर लाल रंग का और मीठा होता है। सेब का बीज छोटा, काले रंग का तथा चमकीला होता है
सेब के फायदे
सेब दुनियाभर में सबसे अधिक खाया जाने वाला फल है. अपने बेहतरीन गुणों के कारण इसे जादुई फल भी कहा जाता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट और बीमारियों से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं. सेब में कुछ ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करते हैं.
1. स्वस्थ और सफेद दांतों के लिए.
2. बढ़ती उम्र की वजह से मस्तिष्क पर पड़ने वाले प्रभाव को दूर करने के लिए.
3. सेब में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर्स पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को सही रखने में मददगार होते हैं.
4. सेब का सेवन करने से कैंसर का होने के खतरा नहीं होता
5. सेब के नियमित सेवन से टाइप-2 मधुमेह होने का खतरा कम हो जाता है.
6. सेब का सेवन करना दिल के लिए बहुत अच्छा होता है.
7. सेब के नियमित सेवन से कब्ज की समस्या नहीं होती है.
8. वजन को नियंत्रित करने के लिए भी सेब का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद होता है.
9. सेब के नियमित इस्तेमाल से शरीर के भीतर मौजूद कई विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं.
यहभी देखें
सेब के नाम
सेब का वानस्पतिक नाम Malus sylvestris (Linn.) Mill. (मैलस सिल्वेस्ट्रिस) Syn-Pyrus malus Linn. है। यह Rosaceae (रोजेसी) परिवार का सदस्य है। भारत और दुनिया की विभिन्न भाषाओं में सेब को निम्न नामों से पुकारा जाता हैः—
- Hindi – सेब
- Sanskrit – मुष्टिप्रमाण, महाबदर, सिञ्चितिकाफल
- Kannada – सेरवू–कीट्टालय (Servu-kittalay), सेबु (Sebu)
- Gujarati – सफरजंग (Sufferjang), सफरचंद (Safarchand), सफरजन (Safarjan)
- Bengali – सेब (Seb)
- Punjabi – चो (Cho), चूई (Chui)
- Marathi – सफरचंद (Safarchand)
- English – क्रैब एप्पल (Crab apple), वाईल्ड क्रैब (Wild crab)
- Arabic – तूफाहा (Tuffah)
- Persian – सेब (Seb) सिब
सेब का परिचय
‘एन एप्पल ए डे, कीप्स डॉक्टर अवे’ अंग्रेजी की एक बहुत प्रसिद्ध कहावत है जिसके अनुसार, रोज एक सेब (apple ke fayde in hindi) खाने से डॉक्टर को दूर रखा जा सकता है। इसका कारण यह है कि सेब स्वाद में बेहतरीन होने के साथ-साथ कई प्रकार के पोषक तत्त्वों का ख़ज़ाना होता है। क्या आपको पता है कि सेब का इस्तेमाल आप औषधि के रूप में भी कर सकते हैं? जी हां, कई रोगों को ठीक करने के लिए भी सेब का प्रयोग किया जाता है।
सेब का जूस सारी दुनिया में काफी लोकप्रिय है। यह बाजार में रेडीमेड भी उपलब्ध है, लेकिन घर पर निकाला हुआ जूस अधिक फायदेमंद (apple khane ke fayde) होता है। आयुर्वेद में सेब के फायदों का विस्तार से उल्लेख मिलता है। आइये सेब के गुणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
सेब के सेवन की मात्रा
आप सेब का सेवन इस तरह कर सकते हैं :-
फल – एक बार में 1 से 3 सेब
सेब का जूस – 5-15 मिली.
सेब का पूरा फायदा (benefits of Apple) लेने के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श लें।
सेब कहाँ पाया या उगाया जाता है?
सेब पर्वतीय क्षेत्रों में पैदा होने वाला फल है। यह उत्तरी-पश्चिमी हिमालय में लगभग 2,700 मीटर तक की ऊँचाई पर पैदा होता है। इसकी खेती मुख्यतः हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड और जम्मू-काश्मीर के कई क्षेत्रों में होती है। कश्मीर का सेब काफी प्रसिद्ध है।
यह मुख्यतः मध्य एशिया का फल है, लेकिन बाद में यह यूरोप में भी उगाया जाने लगा। इसे एशिया और यूरोप से उत्तरी अमेरिका बेचा जाता है। इसका यूनान और यूरोप में धार्मिक महत्व भी है।

